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Tuesday, 19 December 2017

इस गांव में लड़कों को नहीं मिलती है दुल्हन जाने क्यों ?

शादी-विवाह तो एक ऐसा बन्दन है जो सदियों से चली आ रही है। इस बन्दन में एक बार बंध जाने के बाद कोई इसे ठुकरा नहीं सकता है। राजस्थान के कुछ गांव ऐसे भी है, जहां पिछले 10 सालों से किसी की शादी नहीं हुई। इन गांवों में पिछले 10 सालों से कोई बारात नहीं आई, जहां के 200 से ज्यादा लड़के अपने लिए दुल्हन तलाश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें दुल्हन नहीं मिल रही है। लड़कों की शादी नहीं होने के पीछे का कारण बहुत भी अजीबों-गरीब है। आइए आपको बताते हैं कि आखिर इन गांवों के लड़कों की शादी क्यों नहीं हो रही है।


राजस्थान के 7 गांवों में 10 साल से कोई शादी नहीं हुई। इन गांवों के 200 से ज्यादा लड़के कुंवारे हैं। राजस्थान के रामगंजमंडी इलाके के 7 गांवों में कोई अपनी बेटी की शादी नहीं करना चाहता है। इसकी वजह डैम में डूबी कुंवारे लड़कों की किस्मत राजस्थान के रामगंजमंडी के इन गांवों के लड़कों की शादी ताकली डैम की वजह से नहीं हो रही है। दरअसल इस गांव में डैम की वजह से काफी बर्बादी हुई। अब इन गांवों के लोगों को पुनर्वास के मुआवजे का इंतजार है। लोगों ने इसी के इंतजार में अब तक अपने मकानों का मरम्मत नहीं करवाया है। न ही कोई नया मकान बना रहा है.


20 साल पहले शुरू हुआ था डैम का काम ताकली नदी पर बनने वाले डैम को लेकर 20 साल बाद सर्वे हुआ, लेकिन उसका काम अब तक शुरू नहीं हुआ. 2007 में इस बांध को मंजूरी मिली। इस डैम से 31 गांवों की 7386 हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई होगी, लेकिन काम बीच में ही अटक गया। डैम बनकर तैयार हो गया, लेकिन नहरों के साथ डूब क्षेत्र में आ रहे 7 गांवों का पुनर्वास बाकी है। सोहनपुरा, रघुनाथपुरा, तालियाबरडी, दड़िया, तमोलिया का अभी तक पुनर्वास नहीं हो सका है। जिसकी वजह से यहां के लोग परेशान है। घरों की हालत ऐसी हो चुकी है कि लोग अपनी बेटी किसी को देना नहीं चाहते हैं। इसी वजह से इस गांव के लड़कों की शादी नहीं हो रही है।

Sunday, 17 December 2017

क्या आप जानते है दुनियाँ का सबसे जहरीला साँप कौन है

ये है दुनियाँ के सबसे खतरनाक साँप जिसे देखते ही लोगों के पसीने छूट जाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है सांपों की दुनिया भी इंसानों की तरह ही होती है। जैसे अलग अलग चेहरे और रंग रुप के इंसान होते हैं ठीक वैसे ही ये सांप अलग अलग तरह के होते है। इनमे भी बहुत सी प्रजातियां होती है, जिनमे से कुछ प्रजातियो के बारे में आपको बता रहे है जो बेहद खतरनाक और जहरीले है. इनके काटते ही इंसान की तुरंत मौत हो जाती है।


रेड हैडेड करैत सांप इस सांप का रंग नीले रंग का होता है तो वहीं मुंह लाल रंग का। ये देखने में सभी सांपों से काफी अलग होता है। ये दक्षिणी थाईलैंड की पहाड़ी ढलानों पर पाया जाता है। लेकिन काफी जहरीला होता है।
ब्लू रेसन स्नेक ये सांप दक्षिणी पेंसलवेनिया में पाया जाता है। ये सांप काफी चमकीला होता है और इसकी लंबाई 5 से 6 फीट होती है।


कोबरा इस सांप को किंग कोबरा कहा जाता है। इस सांप की लंबाई सबसे ज्यादा होती है। ये सांप काले रंग का होता है और सबसे ज्यादा जहरीला कहा जाता है। इसकी खासियत है कि खतरा महसूस होने पर ये अपने फन से बहुत दूर तक जहर फेंक सकता है। जिसकी वजह से इसे 'स्पिटिंग कोबरा' भी कहा जाता है।
ल्यूस्टिक टेक्सास रैट स्नेक इस सांप का रंग सफेद होता है और सबसे ज्यादा फुर्तीला भी। इसकी लंबाई करीब 6 फीट होती है। लेकिन देखने में काफी खूबसूरत होता है।

Tuesday, 12 December 2017

ATM से पैसे निकालते समय इन बातों का रखे ध्यान वर्ना हो सकता है बड़ा नुकसान.

नोटबंदी के बाद से देश की जनता बड़ी मात्रा में पैसे निकालने के लिए एटीएम का इस्तेमाल करने लगी है। ऐसे में एटीएम द्वारा फ्रॉड और साइबर क्राइम की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। कई आंकड़े बताते हैं कि नोटबंदी के बाद एटीएम ठगी व साइबर क्राइम बढ़े हैं। अगर आप सचेत न रहें तो आपकी एक छोटी सी गलती की वजह से आपको एक बड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। ग्राहकों की इन्हीं बढ़ती परेशानियों को देखते हुए देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने एटीएम ठगी व साइबर क्राइम से बचने के 3 उपाय बताए हैं। एसबीआई बैंक ने बताया कि किन ‌तीन परिस्थितियों में एटीएम से पैसे निकालने से बिल्कुल बचना चाहिए।


जब एटीएम के अंदर-बाहर ज्यादा भीड़ हो तो पैसे निकालने से बचना चाहिए। भीड़भाड़ के दौरान एटीएम पिन चोरी, कार्ड क्लोनिंग, एटीएम कार्ड चोरी या अन्य तरह की घटनाएं होने की संभावना बढ़ जाती है।
एसबीआई ने बताया है कि साइबर क्राइम से बचने के लिए एक बार एटीएम पर नजर जरूर दौड़ा लें। अगर एटीएम मशीन में कोई अजीब या अलग मशीन अथवा डिवाइस लगा दिखाई दे तो समझ लें कि कुछ गड़बड़ है। ऐसे एटीएम से पैसे निकालने से बचें।


एसबीआई ने अपने ट्वीट में ये भी कहा है‌ कि अगर एटीएम में पैसे ना हों तो भी लेनदेन नहीं करना चाहिए। आप सोच रहे होंगे कि यदि पैसे नहीं हैं तो आप क्यों एटीएम से लेनदेन करेंगे। लेकिन कई बार लोग अपना बैलेंस ही चेक करने लगते हैं लेकिन सलाह है कि ज‌िन एटीएम में पैसे ना हों उसने आप ये काम भी ना करें।

Saturday, 9 December 2017

क्या आपने ऐसी Hairstyle देखी है अगर नहीं तो जरूर देखिये ?

आजकल तो हर फ़ील्ड में प्रतियोगिता है और हो भी क्यों ना देश में हुनर की कमी थोड़ी न है। यहाँ तो हर वक्त लोग अपने हुनर का प्रदर्शन करने के लिए बेताब रहते है। दुनिया में खेल, खूबसूरती, ड्रेस आदि को लेकर कई तरह की प्रतियोगिताएं होती हैं, जिनमे हर रंग-रूप, वेश -भाषा के लोग देखने को मिलते हैं। इसी में एक ऐसी भी प्रतियोगिता होती हैं, जिसे देखकर आप हैरान रह जायेंगे।
ये प्रतियोगिता है ओएमसी हेयर वर्ल्ड कप, जिसमें प्रतियोगियों के बालों को देखकर आपको कुछ समय तो ये समझने में लग जाएगा कि ये उनके बाल है या कोई कैप।


ओएमसी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 1946 में इस प्रतियोगिता की शुरुआत की थी। इस बार ये प्रतियोगिता सितंबर में पेरिस में हुई । जिसमें दुनियाभर में देशों से हजारों लोगों ने हिस्सा लिया था। आपको यहां एक से एक अजीबोगरीब हेयर स्टाइल देखने को मिलेंगे। और उनके हेयर स्टाइल को देखकर एक बार आप खुद चौक जाओगे की बाल है या फिर कुछ और। यहाँ बालों को कलर कराने से लेकर उनकी कटिंग भी आपको आकर्षित करेगी।


ये प्रतियोगिता 6 कैटेगरी में होती है। जिसमें सीनियर लेडिज और जेंट्स, जूनियर लेडिज और जेंट्स, सौंदर्यशास्‍त्र और नेल्स की प्रतियोगिता होती है। ये प्रतियोगिता देखने में काफी आनंदायक लगता है।

Wednesday, 6 December 2017

पौधों को भी म्यूजिक सुनना है पसंद जाने क्या होता है पौधों पर इसका असर ?

म्यूजिक एक ऐसी चीज है जो हर जगह मौजूद है, बस जरूरत है तो उसे महसूस करने की। संगीत ईश्वर के द्वारा मिला वो अमूल्य खजाना है, जो ईश्वर ने हमे प्रदान किया है। म्यूजिक एक अनोखा एहसास है जो केवल हम इंसानो को नहीं बल्कि पशु-पंछियो और पेड़ पौधों को भी अपने रंग में रंग लेता है।
जी हाँ ! म्यूजिक सुनने से पेड़-पोधों के जीवन पर भी कुछ फर्क पड़ता है? आपको बता दें, कई रिसर्च के बाद सामने आया है कि म्युजिक बजाने से पौधें तेजी से बढ़ते हैं। और रिसर्च के दौरान ये भी पता चला है कि जब कोई व्यक्ति पौधों को खुद गाना गाकर सुनाता है तो वे और तेजी से बढ़ते हैं। इससे प्लांट्स को और ज्यादा कार्बन डाइआक्साइड मिलती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे ही कुछ और फैक्ट्स जिनके बारे में नहीं जानते होंगे आप।


अन्नामलाई विश्वविद्यालय में वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉक्टर टी. सी. सिंह ने भी एक एक्सपेरिमेंट में यह पाया कि जिन बीजों को रोपण के बाद म्यूजिक सुनाया गया वे ज्यादा जल्दी उग गए। यहीं नहीं बल्कि इन अंकुरित पौधों में अन्य पौधौं से अधिक पत्ते भी थे। और इनका आकार भी अन्य पौधों की तुलना में ज्यादा बड़ा था। इससे साफ हो गया कि म्यूजिक वास्तव में पौधों के विकास में काफी प्रभाव डाल रहा है। डॉक्टर टी. सी. सिंह का कहना है कि म्यूजिक पौधों के आनुवंशिक गुणसूत्रों को ही बदल कर रख देता है।


कनाडा के एक यूजीन कैनबी नामक एक इंजीनियर ने गेहूं के एक पौधे पर प्रयोग किया। उन्होंने इस पौधे को रोजाना वायलिन बजाकर सुनाया इसके रिजल्ट जब उन्होंने एक गेहूं के दूसरे पौधे से तुलना करके देखे तो वे चौंक गए। जिस पौधे को म्यूजिक सुनाया गया उसकी उपज में 66% तेजी से वृद्धि पाई गई। कैनबी का यह शोध डॉक्टर टी. सी. सिंह के निष्कर्षों की पुष्टि करता है।
1973 में फ्रांसिस ब्राउन नामक प्रोफेसर ने पौधों के तीन समूह पर विभिन्न प्रकार के संगीत ध्वनियों के प्रयोग किए। इसमें पहले समूह को 8 घंटे की अवधि के लिए नोट -F पर म्यूजिक सुनाया गया। दूसरे समूह को तीन घंटे के लिए समान नोट पर म्यूजिक सुनाया गया जबकि तीसरे समूह को म्यूजिक नहीं सुनाया गया।


पहले समूह के सभी पौधे दो हफ्ते की भीतर मर गए, जबकि दूसरे समूह के पौधे ज्यादा हेल्दी रहे क्योंकि उन्हें नियंत्रित समयानुसार म्यूजिक सुनाया गया। वहीं तीसरा समूह की ग्रोथ नॉर्मल रही। इस प्रयोग से ये साफ हो गया कि पौधों को नियमित तरीके से ही म्यूजिक सुनाया जाये तो इनका विकाश समुचित ढंग से और तीव्र गति से होगा। लेकिन एक बात का ध्यान रहे की पौधों को ज्यादा त ज-तड़ा के वाली म्यूजिक नहीं बल्कि मधुर और धीमी आवाज वाली म्यूजिक ज्यादा पंसद आती है।

Tuesday, 21 November 2017

आप बन सकते है मालामाल अगर आपके पास भी है ये एक रूपये का नोट.

आज के ज़माने वैसे तो एक रुपए की कोई अहमियत नहीं है लेकिन अगर आपके पास एक रुपए का नोट है तो समझो आपकी लाटरी लग गई। क्योंकि ये एक रुपए का नोट आपको करोड़पति बना सकता है।
दरअसल, यह एक 'दुर्लभ नंबर' का नोट है। बस इसीलिए ये आसानी से नहीं मिलता। दुनिया में जिन्हें ये सीक्रेट मालूम है वे ऐसी करेंसी को इकठ्ठा करने का शौक रखते हैं। दरअसल, दुनिया में ऐसे शौकीनों की कमी नहीं है जो इन दुर्लभ नोटों की तलाश में रहते हैं। ऐसे लोग अपने पसंदीदा नंबरों के नोटों को करोड़ों में खरीदते हैं। और उनका कलेक्शन बनाके अपने पास रखते है।


अब भी आपको यकीन नहीं हो रहा हो तो बस एक बार र्इ-कॉमर्स वेबसाइट 'E-Bay' पर जाकर आप देख सकते हैं। यहां एक रुपए से लेकर 1000 रुपए तक के ऐसे ही दुर्लभ नोटों की नीलामी होती है। इनकी खरीद करोड़ों में होती हैं। 'E-Bay' पर वित्त मंत्रालय के पूर्व सचिव मोंटेक सिंह अहलूवालिया के हस्ताक्षर वाला एक रुपए का नोट 1,299 रुपए में बेचा जा रहा है, तो वहीं 1971 का एक रुपए के एक नोट की कीमत 25,000 रुपए रखी गई है।

जिन नोटों के सीरियल नंबर के आखिर में 786 और आगे 000000 है वो सबसे दुर्लभ नोटों में से हैं। कुछ नोट ऐसे भी हैं जिन पर प्रिंट करते वक्त इंक गिर गया है, इनके सीरियल नंबर भी दुर्लभ हैं। ये भी साइट पर ऊंची कीमत में बिकने वाले नोटों में से एक है। तो वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिनमें या तो सीरियल नंबर ही नहीं है या फिर मिसप्रिंट हैं। अगर आपके पास भी है एक रूपये वाला ऐसा नोट तो देर मत करिये और वेबसाइट पर जाकर खरीदारों से संपर्क करिये।