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Tuesday, 19 December 2017

इस गांव में लड़कों को नहीं मिलती है दुल्हन जाने क्यों ?

शादी-विवाह तो एक ऐसा बन्दन है जो सदियों से चली आ रही है। इस बन्दन में एक बार बंध जाने के बाद कोई इसे ठुकरा नहीं सकता है। राजस्थान के कुछ गांव ऐसे भी है, जहां पिछले 10 सालों से किसी की शादी नहीं हुई। इन गांवों में पिछले 10 सालों से कोई बारात नहीं आई, जहां के 200 से ज्यादा लड़के अपने लिए दुल्हन तलाश कर रहे हैं, लेकिन उन्हें दुल्हन नहीं मिल रही है। लड़कों की शादी नहीं होने के पीछे का कारण बहुत भी अजीबों-गरीब है। आइए आपको बताते हैं कि आखिर इन गांवों के लड़कों की शादी क्यों नहीं हो रही है।


राजस्थान के 7 गांवों में 10 साल से कोई शादी नहीं हुई। इन गांवों के 200 से ज्यादा लड़के कुंवारे हैं। राजस्थान के रामगंजमंडी इलाके के 7 गांवों में कोई अपनी बेटी की शादी नहीं करना चाहता है। इसकी वजह डैम में डूबी कुंवारे लड़कों की किस्मत राजस्थान के रामगंजमंडी के इन गांवों के लड़कों की शादी ताकली डैम की वजह से नहीं हो रही है। दरअसल इस गांव में डैम की वजह से काफी बर्बादी हुई। अब इन गांवों के लोगों को पुनर्वास के मुआवजे का इंतजार है। लोगों ने इसी के इंतजार में अब तक अपने मकानों का मरम्मत नहीं करवाया है। न ही कोई नया मकान बना रहा है.


20 साल पहले शुरू हुआ था डैम का काम ताकली नदी पर बनने वाले डैम को लेकर 20 साल बाद सर्वे हुआ, लेकिन उसका काम अब तक शुरू नहीं हुआ. 2007 में इस बांध को मंजूरी मिली। इस डैम से 31 गांवों की 7386 हेक्टेयर जमीन पर सिंचाई होगी, लेकिन काम बीच में ही अटक गया। डैम बनकर तैयार हो गया, लेकिन नहरों के साथ डूब क्षेत्र में आ रहे 7 गांवों का पुनर्वास बाकी है। सोहनपुरा, रघुनाथपुरा, तालियाबरडी, दड़िया, तमोलिया का अभी तक पुनर्वास नहीं हो सका है। जिसकी वजह से यहां के लोग परेशान है। घरों की हालत ऐसी हो चुकी है कि लोग अपनी बेटी किसी को देना नहीं चाहते हैं। इसी वजह से इस गांव के लड़कों की शादी नहीं हो रही है।

Sunday, 17 December 2017

क्या आप जानते है दुनियाँ का सबसे जहरीला साँप कौन है

ये है दुनियाँ के सबसे खतरनाक साँप जिसे देखते ही लोगों के पसीने छूट जाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है सांपों की दुनिया भी इंसानों की तरह ही होती है। जैसे अलग अलग चेहरे और रंग रुप के इंसान होते हैं ठीक वैसे ही ये सांप अलग अलग तरह के होते है। इनमे भी बहुत सी प्रजातियां होती है, जिनमे से कुछ प्रजातियो के बारे में आपको बता रहे है जो बेहद खतरनाक और जहरीले है. इनके काटते ही इंसान की तुरंत मौत हो जाती है।


रेड हैडेड करैत सांप इस सांप का रंग नीले रंग का होता है तो वहीं मुंह लाल रंग का। ये देखने में सभी सांपों से काफी अलग होता है। ये दक्षिणी थाईलैंड की पहाड़ी ढलानों पर पाया जाता है। लेकिन काफी जहरीला होता है।
ब्लू रेसन स्नेक ये सांप दक्षिणी पेंसलवेनिया में पाया जाता है। ये सांप काफी चमकीला होता है और इसकी लंबाई 5 से 6 फीट होती है।


कोबरा इस सांप को किंग कोबरा कहा जाता है। इस सांप की लंबाई सबसे ज्यादा होती है। ये सांप काले रंग का होता है और सबसे ज्यादा जहरीला कहा जाता है। इसकी खासियत है कि खतरा महसूस होने पर ये अपने फन से बहुत दूर तक जहर फेंक सकता है। जिसकी वजह से इसे 'स्पिटिंग कोबरा' भी कहा जाता है।
ल्यूस्टिक टेक्सास रैट स्नेक इस सांप का रंग सफेद होता है और सबसे ज्यादा फुर्तीला भी। इसकी लंबाई करीब 6 फीट होती है। लेकिन देखने में काफी खूबसूरत होता है।

Tuesday, 12 December 2017

ATM से पैसे निकालते समय इन बातों का रखे ध्यान वर्ना हो सकता है बड़ा नुकसान.

नोटबंदी के बाद से देश की जनता बड़ी मात्रा में पैसे निकालने के लिए एटीएम का इस्तेमाल करने लगी है। ऐसे में एटीएम द्वारा फ्रॉड और साइबर क्राइम की संभावनाएं भी बढ़ गई हैं। कई आंकड़े बताते हैं कि नोटबंदी के बाद एटीएम ठगी व साइबर क्राइम बढ़े हैं। अगर आप सचेत न रहें तो आपकी एक छोटी सी गलती की वजह से आपको एक बड़े नुकसान का सामना करना पड़ सकता है। ग्राहकों की इन्हीं बढ़ती परेशानियों को देखते हुए देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक एसबीआई ने एटीएम ठगी व साइबर क्राइम से बचने के 3 उपाय बताए हैं। एसबीआई बैंक ने बताया कि किन ‌तीन परिस्थितियों में एटीएम से पैसे निकालने से बिल्कुल बचना चाहिए।


जब एटीएम के अंदर-बाहर ज्यादा भीड़ हो तो पैसे निकालने से बचना चाहिए। भीड़भाड़ के दौरान एटीएम पिन चोरी, कार्ड क्लोनिंग, एटीएम कार्ड चोरी या अन्य तरह की घटनाएं होने की संभावना बढ़ जाती है।
एसबीआई ने बताया है कि साइबर क्राइम से बचने के लिए एक बार एटीएम पर नजर जरूर दौड़ा लें। अगर एटीएम मशीन में कोई अजीब या अलग मशीन अथवा डिवाइस लगा दिखाई दे तो समझ लें कि कुछ गड़बड़ है। ऐसे एटीएम से पैसे निकालने से बचें।


एसबीआई ने अपने ट्वीट में ये भी कहा है‌ कि अगर एटीएम में पैसे ना हों तो भी लेनदेन नहीं करना चाहिए। आप सोच रहे होंगे कि यदि पैसे नहीं हैं तो आप क्यों एटीएम से लेनदेन करेंगे। लेकिन कई बार लोग अपना बैलेंस ही चेक करने लगते हैं लेकिन सलाह है कि ज‌िन एटीएम में पैसे ना हों उसने आप ये काम भी ना करें।

Saturday, 9 December 2017

क्या आपने ऐसी Hairstyle देखी है अगर नहीं तो जरूर देखिये ?

आजकल तो हर फ़ील्ड में प्रतियोगिता है और हो भी क्यों ना देश में हुनर की कमी थोड़ी न है। यहाँ तो हर वक्त लोग अपने हुनर का प्रदर्शन करने के लिए बेताब रहते है। दुनिया में खेल, खूबसूरती, ड्रेस आदि को लेकर कई तरह की प्रतियोगिताएं होती हैं, जिनमे हर रंग-रूप, वेश -भाषा के लोग देखने को मिलते हैं। इसी में एक ऐसी भी प्रतियोगिता होती हैं, जिसे देखकर आप हैरान रह जायेंगे।
ये प्रतियोगिता है ओएमसी हेयर वर्ल्ड कप, जिसमें प्रतियोगियों के बालों को देखकर आपको कुछ समय तो ये समझने में लग जाएगा कि ये उनके बाल है या कोई कैप।


ओएमसी ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर 1946 में इस प्रतियोगिता की शुरुआत की थी। इस बार ये प्रतियोगिता सितंबर में पेरिस में हुई । जिसमें दुनियाभर में देशों से हजारों लोगों ने हिस्सा लिया था। आपको यहां एक से एक अजीबोगरीब हेयर स्टाइल देखने को मिलेंगे। और उनके हेयर स्टाइल को देखकर एक बार आप खुद चौक जाओगे की बाल है या फिर कुछ और। यहाँ बालों को कलर कराने से लेकर उनकी कटिंग भी आपको आकर्षित करेगी।


ये प्रतियोगिता 6 कैटेगरी में होती है। जिसमें सीनियर लेडिज और जेंट्स, जूनियर लेडिज और जेंट्स, सौंदर्यशास्‍त्र और नेल्स की प्रतियोगिता होती है। ये प्रतियोगिता देखने में काफी आनंदायक लगता है।

Wednesday, 6 December 2017

पौधों को भी म्यूजिक सुनना है पसंद जाने क्या होता है पौधों पर इसका असर ?

म्यूजिक एक ऐसी चीज है जो हर जगह मौजूद है, बस जरूरत है तो उसे महसूस करने की। संगीत ईश्वर के द्वारा मिला वो अमूल्य खजाना है, जो ईश्वर ने हमे प्रदान किया है। म्यूजिक एक अनोखा एहसास है जो केवल हम इंसानो को नहीं बल्कि पशु-पंछियो और पेड़ पौधों को भी अपने रंग में रंग लेता है।
जी हाँ ! म्यूजिक सुनने से पेड़-पोधों के जीवन पर भी कुछ फर्क पड़ता है? आपको बता दें, कई रिसर्च के बाद सामने आया है कि म्युजिक बजाने से पौधें तेजी से बढ़ते हैं। और रिसर्च के दौरान ये भी पता चला है कि जब कोई व्यक्ति पौधों को खुद गाना गाकर सुनाता है तो वे और तेजी से बढ़ते हैं। इससे प्लांट्स को और ज्यादा कार्बन डाइआक्साइड मिलती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे ही कुछ और फैक्ट्स जिनके बारे में नहीं जानते होंगे आप।


अन्नामलाई विश्वविद्यालय में वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉक्टर टी. सी. सिंह ने भी एक एक्सपेरिमेंट में यह पाया कि जिन बीजों को रोपण के बाद म्यूजिक सुनाया गया वे ज्यादा जल्दी उग गए। यहीं नहीं बल्कि इन अंकुरित पौधों में अन्य पौधौं से अधिक पत्ते भी थे। और इनका आकार भी अन्य पौधों की तुलना में ज्यादा बड़ा था। इससे साफ हो गया कि म्यूजिक वास्तव में पौधों के विकास में काफी प्रभाव डाल रहा है। डॉक्टर टी. सी. सिंह का कहना है कि म्यूजिक पौधों के आनुवंशिक गुणसूत्रों को ही बदल कर रख देता है।


कनाडा के एक यूजीन कैनबी नामक एक इंजीनियर ने गेहूं के एक पौधे पर प्रयोग किया। उन्होंने इस पौधे को रोजाना वायलिन बजाकर सुनाया इसके रिजल्ट जब उन्होंने एक गेहूं के दूसरे पौधे से तुलना करके देखे तो वे चौंक गए। जिस पौधे को म्यूजिक सुनाया गया उसकी उपज में 66% तेजी से वृद्धि पाई गई। कैनबी का यह शोध डॉक्टर टी. सी. सिंह के निष्कर्षों की पुष्टि करता है।
1973 में फ्रांसिस ब्राउन नामक प्रोफेसर ने पौधों के तीन समूह पर विभिन्न प्रकार के संगीत ध्वनियों के प्रयोग किए। इसमें पहले समूह को 8 घंटे की अवधि के लिए नोट -F पर म्यूजिक सुनाया गया। दूसरे समूह को तीन घंटे के लिए समान नोट पर म्यूजिक सुनाया गया जबकि तीसरे समूह को म्यूजिक नहीं सुनाया गया।


पहले समूह के सभी पौधे दो हफ्ते की भीतर मर गए, जबकि दूसरे समूह के पौधे ज्यादा हेल्दी रहे क्योंकि उन्हें नियंत्रित समयानुसार म्यूजिक सुनाया गया। वहीं तीसरा समूह की ग्रोथ नॉर्मल रही। इस प्रयोग से ये साफ हो गया कि पौधों को नियमित तरीके से ही म्यूजिक सुनाया जाये तो इनका विकाश समुचित ढंग से और तीव्र गति से होगा। लेकिन एक बात का ध्यान रहे की पौधों को ज्यादा त ज-तड़ा के वाली म्यूजिक नहीं बल्कि मधुर और धीमी आवाज वाली म्यूजिक ज्यादा पंसद आती है।

Tuesday, 21 November 2017

आप बन सकते है मालामाल अगर आपके पास भी है ये एक रूपये का नोट.

आज के ज़माने वैसे तो एक रुपए की कोई अहमियत नहीं है लेकिन अगर आपके पास एक रुपए का नोट है तो समझो आपकी लाटरी लग गई। क्योंकि ये एक रुपए का नोट आपको करोड़पति बना सकता है।
दरअसल, यह एक 'दुर्लभ नंबर' का नोट है। बस इसीलिए ये आसानी से नहीं मिलता। दुनिया में जिन्हें ये सीक्रेट मालूम है वे ऐसी करेंसी को इकठ्ठा करने का शौक रखते हैं। दरअसल, दुनिया में ऐसे शौकीनों की कमी नहीं है जो इन दुर्लभ नोटों की तलाश में रहते हैं। ऐसे लोग अपने पसंदीदा नंबरों के नोटों को करोड़ों में खरीदते हैं। और उनका कलेक्शन बनाके अपने पास रखते है।


अब भी आपको यकीन नहीं हो रहा हो तो बस एक बार र्इ-कॉमर्स वेबसाइट 'E-Bay' पर जाकर आप देख सकते हैं। यहां एक रुपए से लेकर 1000 रुपए तक के ऐसे ही दुर्लभ नोटों की नीलामी होती है। इनकी खरीद करोड़ों में होती हैं। 'E-Bay' पर वित्त मंत्रालय के पूर्व सचिव मोंटेक सिंह अहलूवालिया के हस्ताक्षर वाला एक रुपए का नोट 1,299 रुपए में बेचा जा रहा है, तो वहीं 1971 का एक रुपए के एक नोट की कीमत 25,000 रुपए रखी गई है।

जिन नोटों के सीरियल नंबर के आखिर में 786 और आगे 000000 है वो सबसे दुर्लभ नोटों में से हैं। कुछ नोट ऐसे भी हैं जिन पर प्रिंट करते वक्त इंक गिर गया है, इनके सीरियल नंबर भी दुर्लभ हैं। ये भी साइट पर ऊंची कीमत में बिकने वाले नोटों में से एक है। तो वहीं कुछ ऐसे भी हैं जिनमें या तो सीरियल नंबर ही नहीं है या फिर मिसप्रिंट हैं। अगर आपके पास भी है एक रूपये वाला ऐसा नोट तो देर मत करिये और वेबसाइट पर जाकर खरीदारों से संपर्क करिये।

Sunday, 19 November 2017

चमगादड़ पेड़ से उल्टा लटक कर क्यों सोते हैं.

आप लोग जानते होंगे अगर नहीं जानते तो आपको बता देते है की चमगादड़ पेड़ से उल्टा लटक कर क्यों सोते है। चमगादड़ ही एक ऐसा प्राणी है जो पेड़ से उल्टा लटक कर सोता है। लटके रहने से चमगादड़ को उड़ान भरने में आसानी होती है। क्योकि दूसरे पक्षियों की तरह यह जमीन से उड़ान नहीं भर पाता, क्योंकि इसका पंख भरपूर उड़ान नहीं देता है। चमगादड़ का पिछला पैर इतना छोटा और अविकसित होता है कि यह दौड़ कर गति नहीं पकड़ पाता।


यह आमतौर पर अंधेरी गुफाओं में दिन भर आराम करता है और रात को भोजन की तलाश में निकलता है। यह एक अकेला ऐसा स्तनधारी प्राणी है, जो उड़ सकता है। पूरी दुनिया में चमगादड़ की करीब 1000 प्रजातियां पाई जाती हैं। यह कीड़े-मकौड़े, मछली या फिर जानवरों का खून पीता है। पिशाच चमगादड़ पूरी तरह से खून पर ही निर्भर रहता है। इनकी तीन प्रजातियां होती हैं। पिशाच चमगादड़ के दांत छोटे और बेहद तेज होते हैं।


चमगादड़ 20 वर्ष से अधिक जीवन जीते हैं। पेटेरपस चमगादड़ दुनिया में सबसे बड़ा है। चमगादड़ों की सबसे बड़ी गुफा टेक्सास में है, जहां करीब दो करोड़ चमगादड़ रहते हैं।
इसके सुनने की क्षमता अद्भुत होती है। यह एक बाल की हरकत को भी आसानी से सुन सकता है। कुछ छोटे चमगादड़ों की सोते समय दिल की गति सिर्फ 18 बार प्रति मिनट होती है, लेकिन जागते समय इन चमगादड़ो की दिल की गति लगभग 880 तक पहुंच जाती है।

Friday, 17 November 2017

क्या आप जानते है कि बादल क्यों चलते है? अगर नहीं तो अब जान जायेंगे.

आप लोग अक्सर आसमान में देखते होंगे तो आपको बादल चलते हुए दिखाई देते होंगे लेकिन कभी सोचा है की ये बादल क्यों चलते है? इसके पीछे की वजह क्या है ? चलिए आपको बताते है की आखिर ऐसा क्यों होता है ? दरअसल, इन बादलो के चलने का कारण हवा है। क्योंकि धरती हमेशा एक ही दिशा में घूमती है, लेकिन बादल नहीं। अगर बादल नहीं चलते, तो ये भी पृथ्वी की तरह एक ही दिशा में घूमते। और बादल बनने में कुछ मिनट से लेकर कुछ घंटे तक लग सकते हैं।


बादल में मौजूद पानी समुद्रों, नदियों, तालाबों और झीलों से आता है। यह देखने में हल्का लगता है, लेकिन इसमें भी वजन होता है। यह एक से डेढ़ किलोमीटर लंबा-चौड़ा हो सकता है। बादल सूर्य की रोशनी को रिफ्लेक्ट करते हैं, जिसके वजह से ये सफेद दिखाई देते हैं।


ये लगभग 146 फीट प्रति सेकंड की गति से दौड़ सकते हैं। जब अरबों पानी की बूंदों से बादल मोटे हो जाते हैं, तब इनके अंदर सूर्य की रोशनी नहीं जा पाती। ऐसे में ये स्लेटी नजर आने लगते हैं। जो बारिश होने वाले बादलों का संकेत देते है। जब ये बादल अपने अंदर समाहित पानी की बूंदो को संभाल नहीं पाते तो कही भी  बरश कर निकल जाते है।

Wednesday, 15 November 2017

रसगुल्ले की 'जंग' जीता पश्चिम बंगाल जाने क्या थी वजह ?

ओडिशा से चल रही दो साल पुरानी रसगुल्ले की 'जंग' में पश्चिम बंगाल जीत गया है। दरअसल, दोनों राज्यों में इस बात को लेकर युद्ध छेड़ दिया था कि रसगुल्ले की उत्पत्ति उनके यहां से हुई है, लेकिन अब बंगाल को जियोग्राफिकल इंडिकेशन ऑफ गुड्स रजिस्ट्रेशन मिल गया है। अब रसगुल्ले को अधिकारिक तौर पर बंगाली डिश माना जा रहा है।


जीआई टैग का मतलब होता है कि पंजीकृत और अधिकृत लोग ही इस प्रोडक्ट का नाम इस्तेमाल कर सकते हैं। दोनों राज्यों के बीच यह जंग सितंबर 2015 में शुरू हुई थी। तब ओडिशा सरकार ने 'उल्टो रथ' त्यौहार पर 'रसगुल्ला दिवस' या 'रसगुल्ला डे' मनाना शुरू कर दिया था।
ओडिशा का दावा था कि देवी लक्ष्मी एक बार अपने पति जगन्नाथ से नाराज हो गई थीं क्योंकि वह उनको रथ यात्रा के दौरान घर पर अकेले छोड़ गए थे। तब भगवान जगन्नाथ ने देवी लक्ष्मी को मनाने के लिए रसगुल्ले दिए थे।


लेकिन वहीं पश्चिम बंगाल ने इस दावे को गलत बताया है। पश्चिम बंगाल का कहना है कि रसगुल्ले तो फटे दूध से बनते हैं जिसको अपवित्र माना जाता है। बंगाल का कहना है कि जिस चीज को पवित्र नहीं माना जाता उसे भगवान द्वारा देवी को देने की बात सही नहीं हो सकती है।

Monday, 13 November 2017

कंपनी का ऑफर एक लाख दें और तब तक पियें जब तक जियें.

चीन की एक शराब कंपनी जिआंगजि आओबाई ने शराब पीने वाले सिंगल्स के लिए एक आकर्षक ऑफर निकाला है। इस कंपनी ने ऐलान किया है कि एक लाख 11 हजार 171 रुपये में कंपनी अपने चुनिंदा ग्राहकों को आजीवन शराब देगी। ये घोषणा 11 नवंबर को चीन के सबसे बड़े शॉपिंग उत्‍सव सिंगल्स डे के मौके पर की गई। कंपनी ने बताया कि ऑफर अलीबाबा कंपनी के टीमॉल प्लेटफॉर्म पर उपलब्‍ध होगा। जहाँ पर लोग इसका भरपूर मजा ले सकेंगे।


लेकिन इसके लिए कंपनी ने कुछ शर्ते भी लागू की है। जैसे इस ऑफर का लाभ सिर्फ 99 लकी कस्टमर को ही दिया जायेगा। इसके अलावा हर महीने केवल एक कॉर्टेन भेजा जायेगा जिसमें 12 शराब की बोतलें होंगी। ऑफर में कोई गड़बड़ होने की आशंका से बचने के लिए कंपनी ने कहाँ है कि हर विजेता ग्राहक को एक सर्टिफिकेट भी दिया जायेगा, अगर किसी वजह से कंपनी अगले 30 सालों के दौरान कभी भी शराब पहुंचाने में चूकी तो ग्राहक को पूरा पैसा वापस कर दिया जाएगा।



इसके अलावा कुछ और फायदे भी हैं जैसे अलीबाबा के डिस्काउंट कूपन का इस्तेमाल करके ग्राहक एक लाख 11 हजार 171 रुपये से कम में भी इस ऑफर का लाभ उठा सकते हैं। कंपनी ने ये भी वादा किया है कि अगर किसी वजह से ग्राहक की मौत पांच साल के भीतर ही हो जाती है तो उसके परिवार के किसी अन्य सदस्य को आजीवन शराब मिलती रहेगी। सच में मजेदार ऑफर है ना।

Friday, 10 November 2017

क्या आपको पता है कि सड़कों के बीच सफेद और पीली लाइनें क्यों खीचीं जाती हैं.

अक्सर सड़कों पर चलते समय आप सड़को के बीच में बनी पीली और सफेद लाइनें जरूर देखते होंगे। लेकिन इसके पीछे की वजह क्या है ? कभी जानने की कोशिश की है। कुछ लोगों ने इसके पीछे का कारण जानने की कोशिश भी की होगी, तो उन्हें लगा होगा कि शायद ये सड़कों को डेकोरेट करने के लिए बनाई जाती हैं। लेकिन इसके पीछे वजह कुछ और ही है।
आज हम आपको बताते हैं कि ये लाइनें सड़को के बीच में क्यों बनाई जाती हैं? आखिर क्या होता है इसके पीछे की वजह। सड़को पर खींची गई दो पीली लाइन का मतलब होता है कि आप अपनी ही लेन में गाड़ी चलाएं और ओवरटेक न करें।


सड़कों पर बनी टूटी हुई पीली लाइन का मतलब होता है कि आप लोगों को आसानी से ओवरटेक कर सकते हैं। लेकिन अपनी और सामने वाले की सुरक्षा का ध्यान रखकर ही आप ऐसा कर सकते है। सड़कों के बीचों-बीच बनी एक पीली लाइन का मतलब है कि आप ओवरटेक कर सकते हैं, लेकिन एक लेन से दूसरी लेन पर नहीं जा सकते हैं। हालांकि, भारत के हर राज्य में पीली लाइन का मतलब अलग होता है, जैसे तेलंगाना में  इस लाइन का मतलब है कि कोई भी गाड़ी को ओवरटेक नहीं कर सकता।



अगर आप लंबी पीली लाइन के साथ जुड़ी हुई टूटी पीली लाइन के साइड में गाड़ी चला रहे हैं तो आप ओवरटेक कर सकते हैं। अगर आप लंबी लाइन के साइड में गाड़ी चला रहे हैं तो आप ओवरटेक नहीं कर सकते।


सड़क पर बनी एक सफेद लाइन का मतलब होता है कि जिस लेन में आप गाड़ी चला रहे हैं, आपको उसी लेन में चलना होगा। यानी आप अपनी लेन बदलकर दूसरी तरफ नहीं जा सकते।



सड़क पर बनी टूटी हुई सफेद लाइन का मतलब होता है कि आप अपनी लेन बदल सकते हैं, लेकिन बहुत सावधानी के साथ। तो ये रहा सड़को के बीच खींची गई लाइनों के पीछे की खास वजह जिसे ध्यान में रखकर उनके रूल्स फॉलो करने चाहिए।


Tuesday, 7 November 2017

इस भिखारी की एक दिन की कमाई इतनी है की चाहे तो हर महीने एक कार खरीद ले.

आजकल एक आम इंसान और बिज़नेसमैन से भी ज्यादा तो एक भिखारी की रोज की कमाई है, आप ये जान कर थोड़ा शौक जरूर होंगे लेकिन ये सच है आज भिखारी भी किसी बिज़नेस से कम नहीं है। जी हाँ ! हम जिस भिखारी की बात कर रहे है वो लखपति है। जाहिर सी बात है अगर कोई लखपति होगा तो वह भिखारी कैसे हो सकता है? लेकिन ऐसा ही है।


चीन में एक भिखारी ऐसा है जो हर महीने 1 लाख रुपये कमाता है और अपने बच्चों को शहर के सबसे बड़े स्कूल में पढ़ाता है। अब आप भी सोच रहें होंगे कि आखिर ऐसा कौन सा चमत्कार हो गया कि एक भिखारी लखपति बन गया। बीजिंग जैसे शहर में लग्जरी फ्लैट का मालिक होना कोई आम बात नहीं है। और भिखारी का नाम सुनते ही बेशक आपको उनकी हालत पर दया आती हो लेकिन ये भिखारी ऐसा है जिसे किसी की दया की जरूरत नहीं है। केवल भीख मांग-मांगकर उसने बीजिंग में दो मंजिला घर भी बना लिया है।


बीजिंग की सड़कों पर भीख मांगकर ये भिखारी डाकघर में अपने पैसे जमा करता है। और जितने पैसे कमाता है उनको गिनने के लिए कुछ लोगो को अपने पास रखता है और पैसे गिनने में मदद करने वालों को टिप भी देता है। उसकी हर महीने की कमाई करीब 1 लाख रुपए है जो भारत के किसी मुख्यमंत्री को मिलने वाले वेतन के लगभग बराबर ही है। सोचिये दिन में भिखारी बनकर सड़को के किनारे फुटपाथ पर फटे पुराने कपडे पहनकर कर बैठना और रात को बन सवर कर लक्ज़री कार में बैठकर ज़िन्दगी के मजे लेना इन भिखारी की अपनी अलग दुनिया है। 

Saturday, 4 November 2017

आपके पास भी है 2 रुपए का ऐसा सिक्का तो आप भी बन सकते हैं लखपति.

क्या आपको भी बचपन के वो दिन याद है, जब हम अपने माता-पिता से पैसे पैसे मांगते थे तो वे हमे एक या दो रुपये का सिक्का दे देते थे और फिर हम उन पैसों से चॉकलेट और आइसक्रीम लेकर खाते थे? आप सभी लोगो ने बचपन में ऐसा ही किया होगा। लेकिन आज की दौर में एक दो रूपये की तो बात ही मत करिये क्योकि अब तो 100 रुपए की भी कोई कीमत नहीं रह गई है। अब तो घर से बाहर निकलने से पहले बच्चे भी पॉकेटमनी के लिए 100 रुपए मांगते हैं। अगर पांच रुपए भिखारी को दो तो वो भी कई बार लेने से इंकार कर देते हैं। उनको भी चाहिए 100 का नोट।


अगर आपको पता चले की कि दो का सिक्का आपको एक लखपति बना सकता है? तो आप विश्वास नहीं करेंगे लेकिन यह सच है दो रुपये का सिक्का वास्तव में आपको एक लखपति बना सकता है, चलिए आपको बताते है कैसे ? दरअसल, 1980 के दशक के सिक्के अमीर भारतीयों के बीच बहुत लोकप्रिय रहे हैं। कुछ दिन पहले, हैदराबाद में एक पुराने 2 रुपए के सिक्के की नीलामी की गई, जिसमें उसे तीन लाख रुपए में खरीदा गया। हैदराबाद आर्ट गैलरी के बाहर नीलामी में एक आदमी रातों-रात लखपति बन गया था।


इस सिक्के में सबसे बड़ी बात यह है कि इसमें एक निशान है। मुंबई टकसालों के सिक्के देश में बहुत लोकप्रिय हैं, जिनमें डायमंड का निशान बना होता है। यदि आपके पास ऐसे निशान वाले सिक्के हैं, तो आपको बहुत सारे खरीदार मिल सकते हैं और उनसे आप पैसे कमा सकते हैं।
पुरानी चीजों की नीलामी जहां होती है, वहां इस तरह के सिक्कों के खरीदार काफी आते रहते हैं। अगर चाहे तो ऑनलाइन भी सिक्के की नीलामी करके आप अच्छा पैसा कमा सकते हैं, जैसे ओएलएक्स और क्विकर जैसी website पर भी सिक्कों की नीलामी कर सकते हैं। आप इन website पर अपने सिक्कों का कलेक्शन लोगो को दिखाइए और खरीदार खुद आपके पास खरीदने के लिए आ जायेंगे और आप भी अमीर बन सकते हैं।

Friday, 3 November 2017

झाड़ू लगाने वाली ये लड़की रातों-रात बन गई मॉडल.

आपने रातों रात करोड़पति बनने की कहानी तो जरूर सुनी होगी लेकिन क्या आपने कभी रातों-रात किसी लड़की को मॉडल बन जाने की खबर सुनी है, अगर नहीं तो ये खबर जरूर पढ़ें। जिसमे  एक झाड़ू लगाने वाली लड़की को सोशल मीडिया ने रातों रात मॉडल बना दिया। जी हाँ ! 25 साल की रीटा माटोज जो ब्राजील की रहने वाली एक साधारण सी लड़की जो ब्राजील की सडक़ों पर झाड़ू लगाती थी।


रोज की तरह एक दिन रीटा माटोज अपने दोस्तों के साथ सडकों पर झाड़ू लगा रही थीं। तभी उनमे से किसी ने उनकी फोटो खींचकर इंटरनेट पर अपलोड कर दी। कई लोगों ने तो इस फोटो को इतना शेयर कर दिया कि देखते ही देखते ये फोटो इंटरनेट पर वायरल हो गई। जैसे ही रीटा माटोज की फोटो इंटरनेट पर वायरल हुई वैसे ही उनको मॉडलिंग के लिए फोन आने लगे।



बस फिर क्या ? रीटा माटोज की जैसे किस्मत ही खुली गई और उसे मिल गया मौका मॉडलिंग करने का कॉन्ट्रैक्ट। लोगों ने जैसे ही इतनी खूबसूरत लड़की की झाड़ू लगाते हुए तस्वीर देखी उनको यकीन नहीं हुआ। कई लोगों ने कंमेट भी किया कि इस लड़की को तो मॉडलिंग करनी चाहिए।
और रीटा माटोज को मॉडलिंग के लिए ऑफर भी मिल गया और वो बन गई एक स्टार। 

Wednesday, 1 November 2017

आ गया दुनिया का पहला 5जी स्मार्टफोन.

आज का समय टेक्नोलॉजी का है और टेक्नोलॉजी के बिना ज़िन्दगी भी कोई ज़िन्दगी है। आज हम सब टेक्नोलॉजी से इस कदर जुड़ गए है की दो दिन खाना खाये बिना रह सकते है मगर टेक्नोलॉजी के बिना मुश्किल है जीना। जैसे-जैसे टेक्नोलॉजी अपडेट हो रही वैसे-वैसे हम भी टेक्नोलॉजी के साथ अपडेट हो रहे है।  इसीलिए चिपसेट निर्माता कंपनी क्वॉलकॉम और कई सारी कंपनियां 5जी तकनीक पर काम कर रही हैं.
जो हाल ही में बर्लिन हाईस्पीड 5जी लॉन्च हुआ है। बर्लिन में यूरोप की सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी डोएच टेलीकॉम (Deutsche Telekom) ने 5जी एंटीना पेश किया है। वहीं कंपनी ने कहा कि 2020 तक इसे ग्लोबली लॉन्च किया जाएगा।



इसी बीच ट्विटर यूजर Sherif Hanna ने दुनिया के पहले 5जी स्मार्टफोन की फोटो शेयर की है। ऐसे में माना जा रहा है कि कंपनी जल्द ही इस फोन को लॉन्च कर सकती है। वहीं, क्वालकॉम ने बताया कि यूजर्स को 5जी डाटा कनेक्शन का लाभ वर्ष 2019 तक मिलना शुरू हो जाएगा।
इस तस्वीर में फोन का रियर पैनल दिखाया गया है। इसमें ड्यूल कैमरा समेत ड्यूल एलईडी फ्लैश दिया गया है। वहीं, फोन के निचले हिस्से में क्वालकॉम स्नैपड्रैगन का लोगो दिया गया है। ट्वीट के मुताबिक, यह फोन मल्टी मोड यानी 2जी/3जी/4जी और 5जी को सपोर्ट करेगा।

Tuesday, 31 October 2017

सोते समय इन बातों का रखे ध्यान आपका दिन अच्छा गुजरेगा.

अक्सर आप सोते समय ये ध्यान नहीं देते है की आपका पैर किस दिशा में है और आपका सिर किस दिशा में है। लेकिन ये जान लेना बहुत जरुरी है। क्योकि दिशा का भी हमारे जीवन पर अच्छा और बुरा प्रभाव पड़ता है। वास्तुशास्त्र में सोने के कुछ नियम बताये हैं, जिनको अनदेखा करने के उपरांत हमे और आपको  कई परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसीलिए सोते समय इस बात का ध्यान रखे की आपका सिर दक्षिण दिशा में हो और पैर उत्तर दिशा में। यह सोने का सबसे अच्छा तरीका माना जाता है, इससे हमारे शरीर की कई बीमारियां हमसे दूर रहती है।


इसका एक कारण ये भी है की वातावरण में चुम्बकीय शक्ति होती है, ये शक्ति दक्षिण से उत्तर दिशा की ओर प्रवाहित होती है। जब हम दक्षिण दिशा की ओर सिर करके सोते हैं तो यह ऊर्जा हमारे सिर से प्रवेश करती है और पैरों के रास्ते बाहर निकल जाती है, इससे हमारे शरीर में पाजिटिविटी आती है। जो हमारे बॉडी में एक नई ऊर्जा का प्रवाह करता है, और पाचन क्रिया भी तंदरुस्त रहती है । सुबह उठने पर हमारा दिमाग शांत रहता है और ताजगी महसूस होती है।



अगर किसी वजह से आप दक्षिण दिशा में सिर नहीं रख पा रहे है तो ऐसा करे की आप दूसरी दिशा पूर्व होती है। आप पूर्व दिशा में अपना सिर और पश्चिम दिशा में अपना पैर रखकर सो सकते है।
इसके पीछे का राज यह है की सुबह-सुबह सूर्य पूर्व से उदय होता है और हिन्दू धर्म में सूर्य को भगवान् माना जाता है, ऐसे में जब आप पश्चिम दिशा में सिर रखकर सोते है तो हमारे पैर सुबह भगवान् की तरफ होते है, और यह शुभ नहीं माना जाता। ऐसे में सूर्य भगवान् का सम्मान बना रहे, इसलिए पूर्व में सिर रखकर और पश्चिम में पैर रखकर सोना चाहिए। 

Sunday, 29 October 2017

दुनिया का सबसे 'Rare Blood Group' जो सिर्फ 43 लोगों के पास हैं.

आपने अभी तक जिन ब्लड ग्रुप के बारे में सुना होगा उनमें सिर्फ A, B, AB और O ब्लड ग्रुप शामिल हैं। लेकिन इनके अलावा एक और ब्लड ग्रुप है जिसके बारे में आपने अभी तक नहीं सुना होगा। जी हाँ ! जो बहुत ही 'Rare Blood Group' है और ये ब्लड ग्रुप दुनिया में सिर्फ 43 लोगों के पास है। इस ब्लड ग्रुप का नाम 'Rh-null' है। जिसे 'रिसस नेगेटिव' भी कहते हैं। सबसे रेयर लोगों का ब्लड ग्रुप होने के कारण इसे 'Golden Blood' के नाम से भी जाना जाता है। चलिए आपको बताते है की आखिर इस ब्लड ग्रुप की खासियत क्या है ?



एक इंसान की बॉडी में Antigen के काउंट से उसके ब्लड ग्रुप के बारे में पता चलता है। अगर किसी कि बॉडी में ये Antigen कम होते हैं तो उसका ब्लड ग्रुप रेयर माना जाता है। 52 सालों में सिर्फ 43 लोगों के पास ही ये ब्लड ग्रुप मिला है। Antigen बॉडी में Antibody बनाते हैं जो शरीर को वायरस और बैक्टीरिया से उत्पन्न होने वाले खतरनाक बीमारियों से बचाते हैं। जिन लोगों के पास ये "Rhesus Negative Blood Group" होता है वे लोगों को अपना ब्लड देकर उनकी जान बचा सकते हैं। रिसर्च के दौरान सिर्फ 43 लोगो के पास ही ये ब्लड ग्रुप मिला।




"Rhesus Negative Blood Group" वाले इंसान की खासियत है कि ये दुनिया में किसी भी ब्लड ग्रुप वाले को ब्यक्ति को अपना ब्लड देकर उसकी जान बचा सकते हैं।
रिसस नेगेटिव (Rh-null) ब्लड ग्रुप वाले लोगों की लाइफ नॉर्मल लोगों जैसी ही होती है। लेकिन उन्हें अपना ज्यादा ध्यान रखना पड़ता है क्योंकि इस ब्लड ग्रुप के डोनर का मिलना बड़ा ही मुश्किल होता है। 

Saturday, 28 October 2017

ये इंसान कारों के साथ करता है सेक्स.

वाशिंगटन में रहने वाले 62 वर्षीय एडवर्ड कारों जिन्हे कारों से बेहद लगाव है, जिसके वजह से ये उनकी और सेक्सुअली आकर्षित हो जाते है। इनका कहना है की इनको कारों व मशीनों के प्रति लगाव किशोरावस्था से ही है और इनके साथ सेक्स करके ये बहुत संतुष्ट होते है। एडवर्ड का कहना है की दूसरे लोगो को लगता है ये गलत है, लेकिन उनका इस तरह कारों के साथ सेक्स करना उनका कारों के प्रति लगाव व प्यार है।


पिछले 45 सालों में एडवर्ड ने जिन-जिन से प्रेम किया उनमें शामिल है 999 कारें व एक लड़की ! जी हाँ, एडवर्ड को पहली बार किशोरावस्था में प्यार एक कार से हुआ था और उस कार के साथ उन्होंने पुरे सात दिनों तक सेक्स किया था। और इसके बाद उनके जीवन में बहुत सी कारे आई और उन्होंने सभी कारों के साथ काफी समय बिताया। उनकी सबसे प्रिय कार है उनकी सेकंड हैण्ड फॉक्सवेगन बीटल कार जो करीब 30 साल पहले उन्होंने खरीदी थी, जिसे वो बेहद प्यार से वनीला बुलाते है और उनका कहना है की यह उनकी सबसे प्रिय कार है जिसके साथ सेक्स करने पर उनको सबसे अधिक संतुष्टि मिलती है।




एडवर्ड कहते है की उन्होंने बहुत सी कारों के साथ सेक्स किया है पर वनीला की बात ही कुछ और है। उनका मशीनों के प्रति इस तरह का प्यार सिर्फ कार तक ही सिमित नहीं है बल्कि कारों के अलावा हेलीकाप्टर भी शामिल है, उनका कहना है की जिस तरह एक लड़का किसी लड़की को ऊपर से नीचे तक देखता है ठीक उसी फीलिंग्स के साथ वो कारों को फ्रंट से बैक तक देखते है ।
किसी की जिंदगी में इतने शख्स नहीं होंगे जितनी इस शख्स की जिंदगी में कारें है। और कारों के प्रति इनका जो प्यार है उसे देखकर तो हर कोई हैरान रह जाये। 

Thursday, 26 October 2017

चीन तैयार कर रही है रोबोट्स की सेना.

चीन में एक कंपनी है जिसका नाम गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में दर्ज हो गया है। इस कंपनी ने रोबोट्स की एक बड़ी सेना तैयार की है।
'पीपल्स डेली, चाइना' के मुताबिक "डब्लू एल इंटेलिजेंट टेक्नोलॉजी" नाम की इस कंपनी ने तैयार की रोबोट्स की सेना जिसमे कुल 1069 रोबोट्स शामिल हैं। ये सारे डोबी रोबोट्स एक साथ एक ही डांस कर सकते हैं। ये चीनी मार्शल आर्ट्स ताई ची भी करने में काफी माहिर हैं और कंपनी ने दावा किया है की ये रोबोट्स 'इंसानों द्वारा किये जाने वाले कई काम भी कर सकते हैं।'


इस कंपनी की ओर से एक इवेंट का आयोजन किया गया जिसमें सारे रोबोट्स ने एक साथ डांस किया। और उनमे से कुछ बिच में ही लुढ़क गए। जो बीच में लुढ़क गए उन्हें डिसक्वॉलिफाई भी कर दिया गया। इससे पहले चीन की ही एक और कंपनी 'एवर विन' ने भी रोबोट्स की सेना तैयार की थी। और उसकी सेना में कुल 1,007 रोबोट्स द्वारा डांस किये जाने का रिकॉर्ड' बनाया था। लेकिन अब चीन की "डब्लू एल इंटेलिजेंट टेक्नोलॉजी" नाम की इस कंपनी ने 1,007 रोबोट्स द्वारा डांस किये जाने का रिकॉर्ड तोड़ दिया है।

Tuesday, 24 October 2017

दुनिया का अंत, नहीं बचेगा धरती पर इंसानियत

जैसा कि हम लोग बहुत पहले से सुनते आ रहे है और आपको याद भी होगा कि 2012 से पहले कुछ वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं द्वारा ये दावा किया गया था कि 21 दिसंबर 2012 को दुनिया तबाह हो जाएगी। इस तबाही के बारे में सबसे पहले दावा माया कैलेंडर में किया गया था। क्योंकि उसके कैलेंडर में 21 दिसंबर 2012 के बाद की तारिख नहीं थी। लेकिन बाद में नासा के वैज्ञानिकों ने इस दावे को अस्वीकार कर दिया। लेकिन ठीक 5 साल बाद एक बार फिर से ये खबर सामने आई है जो सोशल मीडिया पर वायरल होने लगी है। इस बार क्रिश्चियन थ्‍योरी के आधार पर एक शोधकर्ता ने दावा किया है कि दुनिया का अंत इसी माह होने जा रहा है। क्रिश्चियन रिसर्चर डेविड मीडे का कहना है कि दुनिया के अंत होने की शुरुआत 23 सितंबर से होगी।


सोशल मीडिया पर कुछ लोगो का कहना है कि जो सूर्य ग्रहण पड़ा है उसकी वजह से नीबिरू नाम का एक ग्रह पृथ्वी की ओर तेजी से बढ़ रहा है। यह ग्रह जैसे ही पृथ्वी से टकराएगा वैसे ही दुनिया का अंत हो जाएगा। कुछ लोग इस ग्रह को एक्स प्लानेट भी कह रहे हैं।
डेविड ने अपने दावे को साबित करने के लिए बाइबिल में लिखे कुछ बातो का भी जिक्र किया है और उनके आधार पर उन्होंने दुनिया के खत्म होने की भविष्यवाणी की भी है। हालांकि, इस भविष्यवाणी को लेकर नासा के वैज्ञानिकों को कोई ठोस सबूत नहीं मिला है।
सोशल पर नीबिरू नाम के ग्रह के धरती से टकराने की अफवाह 2003 से चल रही है। 14 सालों में कई बार ऐसा कहा गया है कि प्लानेट एक्स धरती से टकराने वाला है। एक अंग्रेजी वेबसाइट की रिपोर्ट के अनुसार, इससे पहले डेविड ने भविष्यवाणी की थी कि यह ग्रह अक्टूबर में पृथ्वी से टकराएगा।




इस बार फिर से कुछ भविष्यवाणी कर्ताओं ने नया पैंटरा अपनाया है। हाल ही में अमेरिका में हुए सदी के सबसे बड़े सूर्य ग्रहण को लेकर कहा जा रहा है कि नीबिरू धरती के लगभग करीब आ चुका है। डेविड की ओर से दावा किया जा रहा है कि रहस्यमयी ग्रह नीबिरू एक ऐसी दिशा से पृथ्वी की ओर आ रहा है जिसको देख पाना संभव नहीं है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रही वीडियो और कुछ वेबसाइटों पर डेविड की ओर से भविष्यवाणी किया गया है कि 21 अगस्त के सूर्य ग्रहण के बाद 23 सितंबर को नीबिरू धरती से टकराएगा, जिससे धरती का विनाश होगा। डेविड ने धार्मिक पुस्तक ओल्ड टेस्टमेंट के 13वें अध्याय का जिक्र करते हुए कहा था कि ईश्वर के धरती पर आने का दिन करीब आ रहा है। यह दिन बहुत ही विनाशक होगा। इस तबाही से इतना बड़ा प्रलय होगा कि पता भी नहीं चलेगा कि धरती में पानी कहां है और मिट्टी कहां है। एक पल में सब कुछ तबाह हो जाएगा।