Wednesday, 6 December 2017

पौधों को भी म्यूजिक सुनना है पसंद जाने क्या होता है पौधों पर इसका असर ?

म्यूजिक एक ऐसी चीज है जो हर जगह मौजूद है, बस जरूरत है तो उसे महसूस करने की। संगीत ईश्वर के द्वारा मिला वो अमूल्य खजाना है, जो ईश्वर ने हमे प्रदान किया है। म्यूजिक एक अनोखा एहसास है जो केवल हम इंसानो को नहीं बल्कि पशु-पंछियो और पेड़ पौधों को भी अपने रंग में रंग लेता है।
जी हाँ ! म्यूजिक सुनने से पेड़-पोधों के जीवन पर भी कुछ फर्क पड़ता है? आपको बता दें, कई रिसर्च के बाद सामने आया है कि म्युजिक बजाने से पौधें तेजी से बढ़ते हैं। और रिसर्च के दौरान ये भी पता चला है कि जब कोई व्यक्ति पौधों को खुद गाना गाकर सुनाता है तो वे और तेजी से बढ़ते हैं। इससे प्लांट्स को और ज्यादा कार्बन डाइआक्साइड मिलती है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं ऐसे ही कुछ और फैक्ट्स जिनके बारे में नहीं जानते होंगे आप।


अन्नामलाई विश्वविद्यालय में वनस्पति विज्ञान विभाग के प्रमुख डॉक्टर टी. सी. सिंह ने भी एक एक्सपेरिमेंट में यह पाया कि जिन बीजों को रोपण के बाद म्यूजिक सुनाया गया वे ज्यादा जल्दी उग गए। यहीं नहीं बल्कि इन अंकुरित पौधों में अन्य पौधौं से अधिक पत्ते भी थे। और इनका आकार भी अन्य पौधों की तुलना में ज्यादा बड़ा था। इससे साफ हो गया कि म्यूजिक वास्तव में पौधों के विकास में काफी प्रभाव डाल रहा है। डॉक्टर टी. सी. सिंह का कहना है कि म्यूजिक पौधों के आनुवंशिक गुणसूत्रों को ही बदल कर रख देता है।


कनाडा के एक यूजीन कैनबी नामक एक इंजीनियर ने गेहूं के एक पौधे पर प्रयोग किया। उन्होंने इस पौधे को रोजाना वायलिन बजाकर सुनाया इसके रिजल्ट जब उन्होंने एक गेहूं के दूसरे पौधे से तुलना करके देखे तो वे चौंक गए। जिस पौधे को म्यूजिक सुनाया गया उसकी उपज में 66% तेजी से वृद्धि पाई गई। कैनबी का यह शोध डॉक्टर टी. सी. सिंह के निष्कर्षों की पुष्टि करता है।
1973 में फ्रांसिस ब्राउन नामक प्रोफेसर ने पौधों के तीन समूह पर विभिन्न प्रकार के संगीत ध्वनियों के प्रयोग किए। इसमें पहले समूह को 8 घंटे की अवधि के लिए नोट -F पर म्यूजिक सुनाया गया। दूसरे समूह को तीन घंटे के लिए समान नोट पर म्यूजिक सुनाया गया जबकि तीसरे समूह को म्यूजिक नहीं सुनाया गया।


पहले समूह के सभी पौधे दो हफ्ते की भीतर मर गए, जबकि दूसरे समूह के पौधे ज्यादा हेल्दी रहे क्योंकि उन्हें नियंत्रित समयानुसार म्यूजिक सुनाया गया। वहीं तीसरा समूह की ग्रोथ नॉर्मल रही। इस प्रयोग से ये साफ हो गया कि पौधों को नियमित तरीके से ही म्यूजिक सुनाया जाये तो इनका विकाश समुचित ढंग से और तीव्र गति से होगा। लेकिन एक बात का ध्यान रहे की पौधों को ज्यादा त ज-तड़ा के वाली म्यूजिक नहीं बल्कि मधुर और धीमी आवाज वाली म्यूजिक ज्यादा पंसद आती है।

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Oleh

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