Wednesday, 15 November 2017

रसगुल्ले की 'जंग' जीता पश्चिम बंगाल जाने क्या थी वजह ?

ओडिशा से चल रही दो साल पुरानी रसगुल्ले की 'जंग' में पश्चिम बंगाल जीत गया है। दरअसल, दोनों राज्यों में इस बात को लेकर युद्ध छेड़ दिया था कि रसगुल्ले की उत्पत्ति उनके यहां से हुई है, लेकिन अब बंगाल को जियोग्राफिकल इंडिकेशन ऑफ गुड्स रजिस्ट्रेशन मिल गया है। अब रसगुल्ले को अधिकारिक तौर पर बंगाली डिश माना जा रहा है।


जीआई टैग का मतलब होता है कि पंजीकृत और अधिकृत लोग ही इस प्रोडक्ट का नाम इस्तेमाल कर सकते हैं। दोनों राज्यों के बीच यह जंग सितंबर 2015 में शुरू हुई थी। तब ओडिशा सरकार ने 'उल्टो रथ' त्यौहार पर 'रसगुल्ला दिवस' या 'रसगुल्ला डे' मनाना शुरू कर दिया था।
ओडिशा का दावा था कि देवी लक्ष्मी एक बार अपने पति जगन्नाथ से नाराज हो गई थीं क्योंकि वह उनको रथ यात्रा के दौरान घर पर अकेले छोड़ गए थे। तब भगवान जगन्नाथ ने देवी लक्ष्मी को मनाने के लिए रसगुल्ले दिए थे।


लेकिन वहीं पश्चिम बंगाल ने इस दावे को गलत बताया है। पश्चिम बंगाल का कहना है कि रसगुल्ले तो फटे दूध से बनते हैं जिसको अपवित्र माना जाता है। बंगाल का कहना है कि जिस चीज को पवित्र नहीं माना जाता उसे भगवान द्वारा देवी को देने की बात सही नहीं हो सकती है।

Related Posts

रसगुल्ले की 'जंग' जीता पश्चिम बंगाल जाने क्या थी वजह ?
4/ 5
Oleh

Subscribe via email

Like the post above? Please subscribe to the latest posts directly via email.